क्या आपने कभी सोचा है कि जब ट्रेन का वो बड़ा सा इंजन बिजली से चलता है, तो उसके अंदर की पावर को कंट्रोल कौन करता है? जी हाँ, यही काम करती है Hind Rectifiers नाम की कंपनी। इसके मैनेजमेंट ने आने वाले साल में 30% से ज्यादा की revenue growth का दावा किया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि ace investor Mukul Agrawal भी इस स्टॉक में पहले से ही मौजूद हैं। तो चलिए, इस semiconductor और power equipment स्टॉक के बारे में डीटेल में जानते हैं।

कंपनी क्या करती है?
Hind Rectifiers Limited कोई नई कंपनी नहीं है, यह 1958 से इंडस्ट्री में है। यह कंपनी power semiconductors, power electronic equipment और रेलवे के लिए traction systems बनाने का काम करती है। सीधे शब्दों में कहें तो, यह ऐसे उपकरण बनाती है जो बिजली के फ्लो और उसके इस्तेमाल को कंट्रोल करते हैं। इसके प्रोडक्ट्स में converters, inverters, rectifiers और रेलवे ट्रांसफॉर्मर जैसी चीजें शामिल हैं। इसका क्लाइंट बेस भी बहुत मजबूत है, जिसमें Indian Railways, Indian Oil, Tata, Reliance, NTPC, Adani और ONGC जैसे दिग्गज शामिल हैं।
FY26 का दमदार ग्रोथ आउटलुक
कंपनी के मैनेजमेंट ने FY26 के लिए कम से कम 30% revenue growth का guidance दिया है। साथ ही, उनका कहना है कि आने वाले कुछ सालों में भी 25-30% की ग्रोट का सिलसिला जारी रह सकता है। मार्जिन के मामले में भी धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है, जिसका लक्ष्य mid-teen EBITDA margins तक पहुंचना है। हालांकि, मैनेजमेंट ने यह भी कहा है कि मार्जिन में यह सुधार धीरे-धीरे ही आएगा, इसमें थोड़ा patience रखने की जरूरत है।
ऑर्डर बुक में जबरदस्त उछाल
कंपनी का ऑर्डर बुक पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। FY22 में जहां ऑर्डर बुक 368 करोड़ रुपये का था, वह FY25 तक बढ़कर 893 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। और तो और, FY26 के पहले ही quarter में यह ऑर्डर बुक 1,025 करोड़ रुपये के लेवल को छू गया है। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले भी ज्यादा है और यह दिखाता है कि कंपनी के पास काम की कोई कमी नहीं है।
पिछले सालों का ऑर्डर बुक:
- FY22: 368 करोड़ रुपये
- FY25: 893 करोड़ रुपये
- Q1 FY26: 1,025 करोड़ रुपये
कैपेक्स प्लान और शेयरहोल्डिंग पैटर्न
ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए कंपनी ने FY26 में 50 करोड़ रुपये के capex की योजना बनाई है। इसका मुख्य मकसद backward integration को मजबूत करना है, ताकि ऑपरेशन्स और efficient बन सकें। इस पूंजी का लगभग दो-तिहाई हिस्सा लोन से और बाकी का हिस्सा कंपनी के अपने फंड से लगाया जाएगा। शेयरहोल्डिंग की बात करें तो June 2025 तक, प्रमोटर्स के पास 43.98% हिस्सेदारी है। public shareholders में 49.63% हिस्सा है, जिसमें Mukul Agrawal के 1.46% शेयर भी शामिल हैं, जिनकी कीमत लगभग 42.6 करोड़ रुपये है।
कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
हाल में आए Q1 FY26 के नतीजे कंपनी के मजबूत परफॉर्मेंस की तस्दीक करते हैं। कंपनी का revenue Q1 FY25 के 136 करोड़ रुपये से बढ़कर Q1 FY26 में 215 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, यानि 58% की जबरदस्त growth। net profit की बात करें तो यह 7 करोड़ रुपये से 85% बढ़कर 13 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले चार सालों में कंपनी की revenue और net profit ने क्रमशः 21% और 65% की CAGR growth दर्ज की है। return ratios भी healthy हैं, ROCE 21.6% और ROE 25.6% है।
अगर आप इन्फ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर सेक्टर में ग्रोथ के बारे में उत्साहित हैं, तो Hind Rectifiers एक ऐसी कंपनी है जो सीधे तौर पर इन दोनों ट्रेंड्स से जुड़ी हुई है। मजबूत क्लाइंट बेस, भरा-पूरा ऑर्डर बुक और मैनेजमेंट का पॉजिटिव आउटलुक कंपनी के भविष्य के प्रति कॉन्फिडेंस दिखाता है। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि market में निवेश से पहले अपनी रिसर्च जरूर पूरी कर लें।





